Saturday, 2 July 2016

तुक्का या इक्का - तुषार कपूर

बॉलीवुड में जब एक अभिनेता अपने पुत्र को भी सिनेमा जगत में लाता है तो दर्शकों को आशा होती है कि उसका बेटा भी पिता की तरह बेहतरीन अभिनय से उनका मनोरंजन करेगा लेकिन सत्तर के दशक के सुपरस्टार जितेंद्र के बेटे तुषार कपूर के साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ। तुषार ने अभिनय की दुनिया में पिता की जग हंसाई ही कराई लेकिन निजी जिंदगी में वह जितेंद्र के आदर्श पुत्र बने। एक इंटरव्यू के दौरान जितेंद्र ने तुषार के बारे में कहा था - मैं जब घर से बाहर निकलता हूं तो उसकी उम्र के लड़कों को देखता हूं और जब शाम को आता हूं तो फिर तुषार को देख्रता हूं फिर मुझे बेटे पर गर्व होता है।' उनकी यह बात काफी हद तक सही भी है। दरअसल, तुषार ने अभिनय की दुनिया में खास पहचान भले ही न बनाई हो लेकिन निजी जिंदगी में वह बेहद संयमित और विवादों से दूर रहते हैं। उनकी पहचान उस आदर्श बेटे के रूप में भी की जा सकती है जिसने विवादों की मायानगरी में रहते हुए भी अपने पिता को झेंपने पर मजबूर नहीं किया। उनकी पहचान उस संजीदा भाई के रूप में भी की जा सकती है जिसने हर कदम पर बहन एकता का साथ दिया। उनकी पहचान उस पिता के रूप में की जा सकती है जिसने सेरोगेसी के जरिए बच्चा पैदा कर सिंगल फादर बनने का जज्बा दिखाया। दरअसल, तुषार ने हमेशा से प्रयोग करने की कोशिश की। फिर वह चाहे बतौर अभिनेता हों या फिर बतौर पिता। तुषार ने कैरियर की शुरुआत वर्ष 2001 में फिल्म 'मुझे कुछ कहना है' से की। इस फिल्म में तुषार ने लवर ब्वॉय की भूमिका निभाई। फिल्म के लिए तुषार को सर्वश्रेष्ठ डेब्यू अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार भी दिया गया। लेकिन इसके बाद तुषार की फिल्में टिकट खिड़की पर उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। फिल्म के जानकार तुषार को तुक्के का हीरो कहने लगे लेकिन 2004 में तुषार कपूर को राजकुमार संतोषी की फिल्म खाकी में काम करने का अवसर मिला। अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, अजय देवगन जैसे मल्टीस्टारों के बावजूद तुषार ने अपनी छोटी सी भूमिका से दर्शकों का दिल जीत लिया। अगले ही साल फिल्म 'क्या कूल है हम' के जरिए तुषार ने अपने आप को एक नये अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया। इस फिल्म में उन्होंने हास्य अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया लेकिन अब भी उन्हें एक पहचान की जरूरत थी। ऐसे में 2006 में तुषार के पास डायरेक्टर रोहित शेट्टी फिल्म 'गोलमाल'लेकर आए। तुषार के कैरियर के लिए यह फिल्म मील का पत्थर साबित हुई।इस फिल्म में तुषार कपूर ने बिना कोई संवाद बोले दर्शकों को हंसाते हंसाते लोटपोट कर दिया। मल्टीस्टारर फिल्म के सीक्वल में भी तुषार के अभिनय की चर्चा हुई। फिल्म शूट आउट एट लोखंडवाला में तुषार के अभिनय का नया अंदाज दर्शकों को देखने को मिला। फिल्म में तुषार कपूर ने अपने नकारात्मक किरदार से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। तुषार कपूर ने द डर्टी पिक्चर में भी अपनी छाप छोड़ी। इसके बाद तुषार ने क्या कूल है हम 3 और मस्तीजादे जैसी एडल्ट फिल्मों में भी काम किया।  कहते हैं कि पोर्न स्टार सनी लियोनी के साथ जब कोई रोमांटिक होने को तैयार नहीं था, तब तुषार आगे आए थे और उन्होंने सनी के साथ मस्तीजादे फिल्म में रोमांस किया था।  तुषार की पढ़ाई अमेरिका से हुई है। उन्होंने स्टेफन एम रॉज कॉलेज से बीबीए की डिग्री ली है।



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