Sunday, 3 April 2016

ग्लैमर की चमक के पीछे स्याह अंधेरा



‘यहां तो लोग रोने तक के लिए कंधा नहीं देते, मरने का इंतजार करते हैं’कहने को यह  मधुर भंडारकर की फिल्म ‘कैलेंडर गर्ल्स’ का  एक डायलॉग भर है। मगर सच यह है कि यह बॉलीवुड के चमकदार चेहरे से एक झटके में नकाब उतार देता है। प्रत्यूषा की मौत भी इसी अंधेरे पक्ष का एक हिस्सा है।


‘अकेलापन एक बहुत बड़ी परेशानी है। आप पार्टियों में जाकर कुछ देर अपना मन बहला जरूर सकते हैं लेकिन उसके बाद रह जाता है अकेलापन। शायद यही वह जिंदगी है जिसे मैंने चुना है ।’ 2003 में पूर्व मिस इंडिया और एम टीवी की मशहूर वीजे नफीसा जोसेफ ने एक अंग्रेजी समाचार को दिए इंटरव्यू में यह बात कही थी लेकिन करीब एक साल बाद वह इसी अकेलेपन के हाथों हार गईं और 29 जुलाई 2004 को मुंबई स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगा ली। दरअसल, नाम, पैसा और शोहरत का ऐसा कॉकटेल है जिससे रातों रात आपकी दुनिया बदल जाती है। अगर आप इस चकाचौंध भरी दुनिया में खुद को संभालने में सफल हो गए तो जिंदगी भर अपने सपनों की दुनिया को हकीकत में बदल सकते हैं। मगर ये दुनिया जितनी रंगीन दिखाई देती है, हकीकत में इसका दूसरा पक्ष भी है जिसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं। ये ग्लैमर वाकई में इतना क्रूर होता है जो इंसान से उसके जीने की इच्छा तक छीन लेता है। शायद इनकी जिंदगी में फिल्मों की कहानियों की तरह वक्त करवट लेता होगा। फिल्मों की तरह खूबसूरत अंत के आने का इंतजार करने की ताकत शायद चकाचौंध में घुल चुकी होती है। इसलिए मां-बाप दोस्तों और ना जाने कितने अपनों को बिलखता छोड़ जाने का ख्याल भी उन्हें मरने से नहीं रोक पाता। संघर्ष, चकाचौंध, कामयाबी, प्यार, और फिर खुदखुशी... ये लफ्ज सिर्फ प्रत्यूषा बनर्जी या नफीसा जोसेफ की जिंदगी की ही दास्तां नहीं कहते।  ग्लैमर की इस दुनिया में ऐसे तमाम उदाहरण मिल जाएंगे जिन्होंने सफलता की ऊचांईयों पर जाने के लिए बहुत मेहनत की लेकिन फिर अचानक हार मान गए। दरअसल, फिल्मी दुनिया में कामयाबी के आसमान पर पहुंच चुके और पहुंचने की ख्वाहिश रखने वाले जब नाकामी से दो-चार होते हैं तो उनका संभलना आसान नहीं होता। यह नाकामी फिल्मी कैरियर की भी हो सकती है, इश्क की भी। इश्क में नाकाम होकर कई फनकारों ने अपनी जिंदगी गवाई तो गुमनामी के अंधेरों में खो जाने का खौफ और मायूसी का शिकार होकर कई अदाकाराओं ने अपनी जान दे दी।  लड़कियां चूंकि ज्यादा संवेदनशील और जज्बाती होती हैं लिहाजा कैरियर और इश्क की नाकामी का दबाव बर्दाश्त नहीं कर पाती और मौत को गले लगा लेती हैं। प्रत्यूषा बनर्जी भी ऐसी ही एक अदाकारा थीं जो कैरियर और इश्क में उतार चढ़ाव को बर्दाश्त नहीं कर सकीं और शुक्रवार को महज 24 बरस की उम्र में खुदकुशी करके अपनी जान दे दी। आखिरी समय में प्रत्यूषा किस कदर अकेली थीं यह उनके व्हाट्सअप स्टेटस ' मर कर भी मुंह न मोड़ना'  से बयां होता है। यहां यह सवाल मौजूं हो जाता है कि  क्या ग्लैमर की दुनिया सच में इतनी क्रूर है कि यहां किसी को किसी दूसरे के दर्द को सुनने के लिए वक्त नहीं है ? तो क्या सच में यहां लोग रोने तक के लिए कंधा नहीं देते बल्कि मरने का इंतजार करते हैं? क्या यहां लड़कियों को इस्तेमाल किया जाता है और फिर 'फेंक' दिया जाता है ? फिल्मी दुनिया में रिश्ते जरूरत के हिसाब से बनाए जाते हैं और जब जरूरत खत्म हो तो रिश्ते भी खत्म हो जाते हैं। कुछ लड़कियां इस हकीकत को समझ लेती हैं और उन्हीं रिश्तों का इस्तेमाल करके अपना कैरियर बना लेती है लेकिन कुछ लड़कियां इस हकीकत को बर्दाश्त नहीं कर पाती और अपनी जान दे देती हैं।  परवीन बॉबी जब एकाएक देश छोड़कर चली गई थीं, तो हेमा मालिनी ने बहुत दुखी होते हुए कहा था कि ‘मुझे यहां सब कुछ चांदी की प्लेट में सजा हुआ मिला, मगर सबके साथ ऐसा नहीं है। परवीन को यहां जबर्दस्त शोषण और एकांत के दौर से गुजरना पड़ा।’ परवीन के पागल होने का एक बड़ा कारण उनका अति संवेदनशील होना माना जाता है। उनकी मौत भी बेहद दुखद थी। गुजरे जमाने की हीरोइन रीना राय का कहना था कि ‘ऐसा नहीं है कि मैंने कोई समझौते नहीं किए, लेकिन आजकल की लड़कियों को देखती हूं तो उल्टी आती है।’ दरअसल, रीना राय का इशारा ऐसे एकांत अंधेरे की ओर था जहां सपनों को तोड़ दिया जाता है। जानकारों का मानना है कि ग्लैमर की दुनिया में आने के बाद लड़कियों को असुरक्षा और धोखे का डर ज्यादा सताता है। धोखा रवीना टंडन जैसी अभिनेत्रियों को मिल चुका है, और वो भी अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारे से। अक्षय के लिए किसी दौर में पागल हो चुकीं रवीना ने एक मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अक्षय को सुष्मिता और रेखा के साथ रंगों हाथ पकड़ा था। रवीना ने अक्षय पर यहां तक आरोप लगाया कि वो लड़कियों को फंसाने के लिए नाटक करते हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि उनसे सगाई के दौरान भी दो और लड़किय़ों से सगाई कर चुके थे। रवीना ने सालों तक अक्षय पर भड़ास निकाला, लेकिन अक्षय खामोश रहे और इस तरह एक प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत हुआ। फिल्म तारे जमीं पर में काम कर चुकीं टिस्का चोपड़ा ने अपनी किताब ऐक्टिंग स्मार्ट’ में लिखा है कि यह सीधे मांग और पूर्ति का मामला है। यहां ऐक्टिंग की चाह रखने वालों की भारी भीड़ है लेकिन काम बहुत कम है। इसीलिए लड़कियों को हर तरह के शोषण से दो-चार होना पड़ता है। अब तो लड़के भी इससे नहीं बचे हैं। हालांकि किताब में उन्होंने इससे बचने के तरीके भी बताए हैं।





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इस इंडस्ट्री में जो शिखर पर है लोग उसी को पूछते हैं और जो चला गया,उसका नाम लेनेवाला कोई नहीं। ऐसा ही कई स्टार्स के साथ हुआ जो अपने समय में ग्लैमर इंडस्ट्री में जबरदस्त फेमस थे, उनके पास नाम और पैसा सब कुछ था मगर अचानक कुछ ऎसा हुआ कि अकेलेपन और गम की वजह से ही मर गए।


जिया खान
25 साल की कामयाब एक्ट्रेस जिया खान ने सूरज पंचोली के साथ अपने संबंध खराब होने के कारण तीन जून, 2013 को खुदकुशी कर ली।  जिया खान बड़े सपनों के साथ सात समंदर पार से मुंबई आई थीं। उन्होंने 2007 में फिल्म निशब्द से फिल्मी कैरियर की शुरुआत की और बाद में फिल्म गजनी और हाउसफुल जैसी फिल्मों में काम किया। जिया का जन्म अमेरिका में हुआ था और परवरिश लंदन में। बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि जिया एक ट्रेंड सिंगर और डांसर भी थीं। जिया हवा के हल्के झोंके की तरह आईं और फिजा में अपनी खुशबू बिखेर कर चली गईं।

दिव्या भारती
19 साल की दिव्या भारती की मौत मुंबई में उनकी पांच मंजिला इमारत से गिरने की वजह से हुई। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में दिव्या भारती को एक ऐसी अभिनेत्री के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने अपनी रूमानी अदाओं से दर्शकों के बीच खासी पहचान बनाई।  वर्ष 1992 से वर्ष 1993 के बीच दिव्या भारती ने बॉलीवुड की 14 फिल्मों में काम किया जो आज भी न्यू कमर अभिनेत्री के लिए एक रिकार्ड है। वर्ष 1992  में दिव्या भारती ने जानेमाने फिल्मकार साजिद नाडियाडवाला के साथ शादी कर ली लेकिन शादी के महज एक वर्ष के बाद 05 अप्रैल 1993 को दिव्या भारती की बिल्डिंग से गिरकर मौत हो गई। 90 के दशक की इस एक्ट्रेस की मौत आज भी एक पहेली है।  सात समंदर पार .. ऐसी दिवानगी देखी नहीं ..जैसे गानों के जरिए वह आज भी लोगों के दिलों पर राज करती हैं।

परवीन बॉबी
इस ग्लैमरस अभिनेत्री का अंत वाकई बहुत दुखद रहा। अपने समय की प्रतिभाशाली और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक परवीन बाबी अपने आखिरी समय में बिलकुल अकेली और तन्हा रह गई थीं। जुहू, मुंबई में रहने वाली परवीन बाबी 20 जनवरी, 2005 को 55 वर्ष की उम्र में इस दुनियां से अलविदा कह गईं। लेकिन उनकी मौत का पता पांच दिन बाद चला। शराब और नशे की आदी परवीन बाबी की मौत एक हादसा थी या आत्महत्या किसी को इस बात की खबर नहीं हुई।

मधुबाला
बॉलीवुड  की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक मधुबाला की दास्तां भी बहुत अजीब और कष्टदाई रही। जब तक फिल्मों में काम करती रहीं तब तक तो उनके चाहने वालों और बॉलीवुड ने उन्हें सर-आंखों पर रखा लेकिन जब उनके शरीर ने काम करना बंद कर दिया और वह बिस्तर से हिल भी नहीं पाती थीं तब सभी ने उनका साथ छोड़ दिया। अकेलेपन से जूझ रहीं मधुबाला ने 23 फरवरी, 1969 को 36 साल की उम्र में अपने प्राण त्याग दिए।

मीना कुमारी
31 मार्च 1972 को बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय ट्रैजेडी क्वीन मीना कुमारी की सांसें थम गईं। अकेलेपन की वजह से मीना कुमारी ने भी शराब और नशे से दोस्ती कर ली थी। बार-बार दिल टूटने और धोखा मिलने के कारण मीना कुमारी उदास रहने लगी थीं। मीना कुमारी का निधन उस समय हुआ जब उनकी सुपरहिट फिल्म पाकीजा सिनेमा हॉल में दर्शकों की भीड़ जुटा रही थी। उन्हें यह देखने का भी अवसर नहीं मिला कि उनके फैंस उन्हें कितना चाहते हैं।

सिल्क स्मिता
35 साल की साउथ एक्‍ट्रेस सिल्क स्मिता 23 सितंबर 1996 को चेन्नई में अपने घर में मृत पाई गई।  ऐसा कहा जाता है कि सिल्क अपने जीवन से इतना निराश हो गईं थीं कि उन्होंने आत्महत्या कर ली। सिल्क के बारे में कहा जाता है कि उनकी लोकप्रियता उन्हें ले डूबी। उनकी छवि एक सेक्स सायरन की बन चुकी थी।  मीडिया में उनके बारे में भद्दी बातें लिखी जा रहीं थी और राह चलते लोग उन्हें गंदे इशारे किया करते थे।  ये सब उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ। सिल्क स्मिता पर फिल्म डर्टी पिक्चर बनी। इस फिल्म में विद्या बालन ने स्लिक स्मिता की भूमिका निभाई।

विवेका बाबाजी
कामसूत्र कॉन्डम ऐड के लिए प्रसिद्ध हुईं विवेका ने 2010 में अपने बांद्रा स्थित फ्लैट में पंखे से लटककर सूइसाइड कर ली।

कुलजीत रंधावा
टीवी ऐक्ट्रेस और मॉडल कुलजीत रंधावा ने 8 फरवरी 2006 को जुहू स्थित अपने फ्लैट पर सूइसाइड कर ली।

नफीसा जोसेफ
पूर्व मिस इंडिया और एम टीवी की मशहूर वीजे नफीसा जोसेफ वर्सोवा स्थित अपने फ्लैट पर मृत पाई गई थीं।



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काश! दीपिका की तरह लड़ना जानती प्रत्यूषा
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने 2014 में एक इंटरव्यू में यह कहकर लोगों को हैरान कर दिया था कि वो स्टारडम की ऊंचाई पाने के बाद जब वह अपने कैरियर में असफल होने लगी थीं, तब वह अवसाद की शिकार हो गई थीं। वह समझ नहीं पा रही थीं कि उनके पास गाड़ी, बंगला, ऐशो-आराम, सफल लोगों का जमावड़ा, वह सब कुछ है जिसकी आम आदमी को तमन्ना रहती है, इसके बावजूद ऐसी क्या बात है कि जो उन्हें परेशान कर रही है। इस मामले को लेकर उन्होंने मनोचिकित्सक की सलाह ली, जिसने बताया कि वह मानसिक अवसाद से ग्रस्त हो गई हैं। दीपिका के मुताबिक, लोग हैरान थे कि इतना सफल होने के बावजूद डिप्रेशन था, लेकिन लोग किसी की मेंटल हेल्थ का अंदाजा नहीं लगा पाते। दीपिका भाग्यशाली रहीं कि उनके परिवार और दोस्तों ने उन्हें इस अवसाद से बाहर आने में मदद की। दीपिका अब अवसाद को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए खास कैंपेन भी चला रही हैं।  सबसे जरूरी चीज, उन्होंने अपनी समस्या को पहचानकर उसका सही समय पर उपचार लिया, लेकिन हर कोई उनके जैसा भाग्यशाली नहीं होता। बहुतों को तो पता ही नहीं होता कि वे अवसाद में हैं और उन्हें इलाज की जरूरत है। बढ़ते-बढ़ते ऐसे लोगों की बीमारी इतनी बड़ी हो जाती है कि बात खुदकुशी तक जा पहुंचती है। प्रत्यूषा बनर्जी ने भी छोटे पर्दे की आनंदी के रूप में बड़ा नाम कमाया। उनकी लोकप्रियता ने उन्हें बिग बॉस में भी पहुंचाया। आनंदी, नाम बड़ा जरूर था , पर प्रत्यूषा के पास अब काम नहीं था। वैसे तो वह कईं सीरियलों में नजर आ रही थीं, लेकिन लीड रोल उनके लिए खत्म होते जा रहे थे। उनकी असफलता उनकी ‌ही जिदंगी पर भारी पड़ती जा रही थी। कहते हैं कि वह ड्रग्स लेने लगी थीं। अपने बॉयफ्रेंड से भी उनके रिश्ते अच्छे नहीं रहे थे। कुल मिलाकार कहा जा सकता है कि वह भी अवसादग्रस्त हो चुकी थीं, जिसके कारण उन्होंने मौत को गले लगा लिया।  अवसाद की समस्या उन लोगों के साथ बढ़ जाती है, जो इसे समझने और डॉक्टरी सलाह लेने के बजाय इसे छुपाकर अंदर-ही-अंदर घुटते रहते हैं। उन्हें लगता है कि डॉक्टरी सलाह लेने पर कोई उन्हें पागल न कहने लगे। सही समय पर डॉक्टरी सलाह लेने पर कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है।




सुरक्षित भविष्य के लिए
एक्ट्रेस को भाते हैं उद्योगपति
ग्लैमर की दुनिया में पैसा बहुत अहमियत रखता है। अक्सर जब सितारों का कैरियर ढलान पर होता है, तब पैसे की तंगी के चलते वे हताशा के शिकार होते हैं। खासकर अभिनेत्रियों की बात करें तो  उनका सिने कैरियर छोटा और बेहद उतार-चढ़ाव भरा होता है। इसलिए जब बात शादी की आती है तो उन्हें मशहूर बिजनेस टाइकून पसंद आते हैं। धनवान व्यक्ति से शादी करके वे अपना आने वाला कल सुरक्षित कर लेती हैं। बॉलीवुड में ऐसी कईं अभिनेत्रियां हैं, जिन्होंने उद्योगपतियों का हाथ थामा। गुजरे जमाने में करोड़ों दिलों की धड़कन रहीं मुमताज का नाम दारा सिंह, शम्मी कपूर, जितेंद्र के अलावा राजेश खन्ना के साथ भी जुड़ा, जो उनसे शादी करना चाहते थे। लेकिन मुमताज ने विदेश में बसे भारतीय उद्योगपति मयूर माधवानी से शादी की। टीना मुनीम ने उद्योगपति अनिल अंबानी का दामन थामा। जबकी टीना के राजेश खन्ना के साथ कई सालों तक अफेयर के खूब चर्चे रहे, दोनों लिव इन में भी रहे। जूही चावला ने भारतीय मूल के ब्रिटिश बिजनेसमैन जय मेहता से अचानक शादी करने का खुलासा कर सबको हैरान कर दिया था। बिग ब्रदर की विजेता बनने के बाद शिल्पा शेट्टी ने ब्रिटिश भारतीय व्यवसायी राज कुंद्रा से शादी की। कभी अक्षय कुमार से इश्क लड़ाने वाली रवीना टंडन ने बिजनेसमैन अनिल थंडानी को अपना हमसफर बनाया। अभिषेक बच्चन से अपनी सगाई तोड़कर करिश्मा कपूर ने दिल्ली के उद्योगपति संजय कपूर से नाता जोड़ा था। हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की लाडली ऐशा देओल ने फिल्मी पारी के असफल रहने पर उद्योगपति भरत तखलानी संग सात फेरे लिए। आयशा टाकिया ने भी अपने कैरियर में जब कोई मुकाम नहीं पाया तो होटल मालिक फरहान आजमी को अपना बना लिया। विद्या बालन ने यू टीवी मोशन पिक्चर्स के सीईओ सिद्धार्थ रॉय कपूर के साथ शादी की। रानी मुखर्जी ने बॉलीवुड के सबसे बड़े बैनर के मालिक यशराज चोपड़ा के बेटे आदित्य चोपड़ा के साथ ब्याह रचाया। हाल ही में असिन माइक्रोमैक्‍स के को-फाउंडर राहुल शर्मा के साथ विवाह बंधन में बंधीं। रेखा और अमिताभ के प्यार की दास्तां से सभी वाकिफ हैं। लेकिन अचानक ही दोनों ने अपने रास्ते बदल लिए और रेखा ने भी 1990 में उद्योगपति मुकेश अग्रवाल से शादी की। लेकिन विडंबना रही कि मुकेश ने एक साल बाद ही खुदकुशी कर ली।






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