Friday, 24 March 2017

योगीराज में 'रोमियो' की अग्निपरीक्षा

यूपी में इन दिनों दो ही नाम की चर्चा है। पहला नाम सीएम योगी आदित्यनाथ तो दूसरा उनके दिमाग की खुरापात। जहां योगी जी राज्‍य के अलग अलग दफ्तरों में पहुंच कर लोगों को 'धप्पा' मार रहे हैं तो वहीं उनकी एंटीरोमियो स्क्वॉड अलग  अलग शहरों से रोमियो पर 'धप्पा' मार रही है। दरअसल, यह मुहिम सही मायने में उन रोमियो के लिए अग्निपरीक्षा है जो पार्क में बैठकर  अपनी जुलियट के हाथों को चूमते हुए 'नेताओं के स्टाइल' में चांद तारे तोड़ लाने के फिल्मी 'वायदे' करते हैं। मेरे सूत्रों का कहना है कि योगी सरकार इसके जरिए यह जांच कर रही है कि यह वायदे सही हैं या फिर गलत। संभव है कि बतौर संन्‍यासी योगी जी यह जानना चाहते हों कि कहीं ये रोमिया सिर्फ खास मकसद के लिए तो जुलियट से नहीं चिपके।
इसके अलावा यह मुहिम उन जुलियट्स के लिए भी एक मौका है
, जो अपने प्यार में नकली और असली का फर्क अब तक नहीं ढूंढ पा रही थीं और फोन लगाकर पंडि़तों और रेडियो चैनल्‍स के आरजे से इसके तरीके की तलाश करती थीं। अब इन जुलियट्स को अपने रोमियो के लव टेस्‍ट के लिए न तो कुछ सोचने की जरूरत है , न ही किसी आरजे से फोन पर अपनी तकलीफ का सॉल्‍यूशन पूछ ऑडियंस को पकाने की जरूरत है।  वो अलग बात है कि इससे रे‍डियो चैनल्‍स के आरजे की नौकरी पर भी खतरा मंडरा सकता है । 

हालांकि बिजनेस एंगल से देखें तो एक नुकसान झिलमिल, प्‍यारा भवन जैसे सिनेमा हॉल्‍स भी इस मुहिम से बंद हो सकती हैं। जानकारों के मुताबिक जिस प्रकार एंटी रोमियो टीम सिनेमाहॉल्‍स में धप्‍पा मार रही है उससे उनके बिजनेस को धक्‍का लग रहा है। फोर्ब्‍स भी अगर इससे जुड़े आंकड़े निकालती तो निश्चित ही पिछले कुछ दिनों से इन सिनेमा हॉल्‍स के कारोबार गिरावट की खबरें आतीं। बहरहाल, मेरे सूत्र ने बताया है कि इन हॉल्‍स की कॉर्नर वाली सीट के टिकट में भारी गिरावट आई है।

इन सब के बीच सबसे इंप्रेसिव बात यह है कि यूपी पुलिस को काम करने दिया जा रहा है। यूपी पुलिस के बारे में राज की बात ये पता चली है कि उनकी आंखों में स्‍कैनर मशीन भी है।  तभी तो वह मानते हैं कि इन मादक आंखों से रोमियो की पहचान कर लेते हैं। भले ही उन आंखों में 2 बोतल शराब का नशा ही क्‍यों न हो। हालात यह हो गए हैं कि अखिलेश राज में लड़कियां घर से बाहर निकलती थीं तो घरवालों से उन्हें संभलकर जाने की नसीहत मिलती थी । उसके उलट अब जब कोई लडका घर से बाहर निकल रहा है तो उसके पेरेंट्स संभलकर जाने की नसीहत दे रहे हैं। बहरहाल, पुलिस की रोमियो के प्रति बेदर्दी को देखकर लगता है कि कुछ दिनों में बेटा बचाओ मुहिम चलाने की जरूरत पड़ेगी।
 
नोट हम यूपी पुलिस की इस काबिलियत को सलाम करते हैं ….

एक वीडियो भी देख लीजिए,कैसे यूपी पुलिस रोमियो की आंखों को देखकर पहचान लेती है। 














2 comments:

  1. बहुत शानदा...लेकिन गुरू ये बताइये साला ये सूत्र है कौन..हमको भी मिलना है इस सूत्र से

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thanks